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सनम जब मुह मोड़ जाता है

सदमा इश्क का

Hindi ghazal, mejar jagani, sanam,

सनम जब मुह मोड़ जाता है, दर्द दिल मे छोड़ जाता है,
ये इश्क है इतना प्यारा, वोतो सब कुछ लूट जाता है।
सनम जब......
खुदा तू देखले नियत मेरी, फिर सुनले तू फरीयाद मेरी,
नादा है दिल तेरे लीये, बारबार यू रुठ जाता है।
सनम जब......
तुमने चाहत ऐसी बढाई, न मिला चैन न नींद आई,
दिल को ओर तड़प लेने दो, बाद में वो दुब जाता है।
सनम जब......
सब को यार चााहिए यहां, सबको प्यार चाहिये यहाँ,
सदमा इश्क का "जगानी" आदमी बेमौत मार जााता है।
सनम जब......
સત્ય મેવ જયતે




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