सदमा इश्क का
सनम जब मुह मोड़ जाता है, दर्द दिल मे छोड़ जाता है,
ये इश्क है इतना प्यारा, वोतो सब कुछ लूट जाता है।
सनम जब......
खुदा तू देखले नियत मेरी, फिर सुनले तू फरीयाद मेरी,
नादा है दिल तेरे लीये, बारबार यू रुठ जाता है।
सनम जब......
तुमने चाहत ऐसी बढाई, न मिला चैन न नींद आई,
दिल को ओर तड़प लेने दो, बाद में वो दुब जाता है।
सनम जब......
सब को यार चााहिए यहां, सबको प्यार चाहिये यहाँ,
सदमा इश्क का "जगानी" आदमी बेमौत मार जााता है।
सनम जब......
સત્ય મેવ જયતે
Note☡
Content subject to copyright
You need to take permission of outher for using this contant
Note☡
Content subject to copyright
You need to take permission of outher for using this contant


Leave your suggestions here
Note: Only a member of this blog may post a comment.