Share this on

Sab ka malik ek

 सब का मालिक एक 

सबका मालिक एक, साई बाबा, श्रद्धा सबुरी
"श्रद्धा-सबुरी"
 पूरा विश्व का नकशा देखने के बाद मुझे  मालूम पडा की ये तो एक ही कमरा है !  रात के लिये चांद है दिन के लिये सूरज है दुनिया मे मेरा परिवार रहता है  कभी कभी आपसी जगड़ा होता है  थोड़ी नफरत की कमी के वजह एसा होता है थोड़ी प्यार की कमिकी वजह से तो प्यार बाँटने का काम आज से शरु करदे क्योंकि इनमें फूलोंकी खुशबु है इनमे चैन सुकून है हम अपना चैन ओर सुकून नही गवाएंगे  पु. मोरारी बापू की रहमत की वजह से थोड़ीसी हिंदी और उर्दू शब्दप्रयोग करके ये लिख रहा हु प्यार का ये पैगाम 'मेजर जगानी'आज का दिन विश्व के नाम

  


वसुधैव कुटुबकम

"मेजर जगानी"
"સત્ય મેવ જયતે"

Share this

Related Posts

Previous
Next Post »

Leave your suggestions here

Note: Only a member of this blog may post a comment.