ग़ज़ल
कभी न होगा मुझसे जुदा,
मेरा सनम हय मेरा खुदा।
कभी न होगा......
कितना गहरा हय रिश्ता मेरा,
तेरे बिना दिल बेचेन रहे सदा।
कभी न होगा......
क्या जुकायेगा जमाना हमे,
संग हय सनम तेरी वफ़ा।
कभी न होगा......
हर वक्त रखेंगे ख्याल तुम्हारा,
नाजुक दिल तेरा हो न जाये खफा।
कभी न होगा......
खुदको करदिया मेंने तेरे हवाले,
मुजे मार न डाले, तेरी कातिल अदा।
कभी न होगा......
मेरा सनम हय मेरा खुदा।
कभी न होगा......
कितना गहरा हय रिश्ता मेरा,
तेरे बिना दिल बेचेन रहे सदा।
कभी न होगा......
क्या जुकायेगा जमाना हमे,
संग हय सनम तेरी वफ़ा।
कभी न होगा......
हर वक्त रखेंगे ख्याल तुम्हारा,
नाजुक दिल तेरा हो न जाये खफा।
कभी न होगा......
खुदको करदिया मेंने तेरे हवाले,
मुजे मार न डाले, तेरी कातिल अदा।
कभी न होगा......
Leave your suggestions here
Note: Only a member of this blog may post a comment.