आंखे मिली मुझे,
सनम! रोने के लिए।
दिल मिला मुझे
बर्बाद होनेके लिए।
खुदा खुशियां दी मुजे
बिखर जाने के लिए।
तूने ज़िन्दगी दी मुजे
हरदम तड़पने की लिए।
रुहसे आवाज़ निकली
"जगाणी" गम पीने के लिए।
सनम! रोने के लिए।
दिल मिला मुझे
बर्बाद होनेके लिए।
खुदा खुशियां दी मुजे
बिखर जाने के लिए।
तूने ज़िन्दगी दी मुजे
हरदम तड़पने की लिए।
रुहसे आवाज़ निकली
"जगाणी" गम पीने के लिए।
Leave your suggestions here
Note: Only a member of this blog may post a comment.