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इश्क

इश्क न अकल से होता हय,
इश्क न शकल से होता हय।

अपने हाथों से कोई कैसे लेले,
इश्क न फसल से होता है।

इश्क मीलेतो प्यास मिट जाये,

 इश्क न तलब से होता है।

जभी होता हय खुदा की मर्जी से,
इश्क न मतलब से होता हय।

क्या देखे दोस्तो आयना "जगाणी"
इश्क ना कोई उमर से होता है।





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