दिल धड़कता क्यो!

Hindi ghazal, mejar jagani, dill dhadkta he kyo


खुदा तुमसे मेरी फरियाद है,
इश्क मे दिल पागल होता है क्यों?
 
जहाँ गुलशन होता है,
वहाँ भवँरा जाता है क्यों?

शम्मा तो जलती हुई आग है,
वहाँ परवाना जाता है क्यों?

चाँदको देख के "जगाणी",
चकोर जुमता है क्यों?

इस जमाने मे लाखो हसीन है,
मगर तुम्हे देखके सनम 
दिल मेरा धड़कता है क्यों?

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