इश्क तेरा सहेरा की धुप

चलती फिरती बहार हो तुम,
यूँ ही आप सँवरती रहौ।

शायरों की शायरी हो तुम,
यूँ ही आप मुस्कुराती रहो।

शीतल चांदनी की मौज हो तुम,
यूँ ही आप जुल्फे लहराती रहो।

मेरे दिलकी खुशिया हो तुम,
यूँ ही आप नज़रे मिलाती रहो।

इश्क तेरा है सहेरा की धुप,
यूँ ही आप मस्ती लुटाती रहो।

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