तीखी नज़रो से

Hindi ghazal, mejar jagani, Zakhm ishk ka, ghazals

तीखी नज़रो से मत देखो, दोस्त बनके देखो ज़रा
क्यू खिंचता है दिल तेरी ओर, अपना बना कर देखो जरा
तीखी नज़रो से मत देखो......

दिल करे आरजू तुम्हारी, जवानी दीवानी है हमारी
दो कदम साथ मेरे, तुमभी चलकर देखो ज़रा
तीखी नज़रो से मत देखो......

दिल का कमल खिल जाये, थोड़ासा प्यार तेरा मिल जाये
बाते मेरी समझ मे आयेतो, करीब आके देखो जरा
तीखी नज़रो से मत देखो......

तेरे दिल में प्यार आजाये, तो मेरे दिलमें बाहर आ जाये
किस लिये दिल बेचेंन है? हाथो में हाथ देकर देखो जरा
तीखी नज़रो से मत देखो......

गम का ज़हर पी रहा हु में, मर मर के जी रहा हु में
यार मेरे ये हे खुदा की खुदाई, सीने से लग कर देखो ज़रा
तीखी नज़रो से मत देखो......

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